गुजरात: वडोदरा की MSU ने कम लागत वाला तांबे आधारित डायबिटीज़ टेस्ट किया विकसित

Jan 14, 2026

गुजरात के वड़ोदरा में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने डायबिटीज़ (मधुमेह) की जांच के लिए एक नया और कम खर्च वाला तरीका विकसित किया है। डायबिटीज़ आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली जीवनशैली की बीमारियों में से एक है, और यह खोज लाखों लोगों के लिए जांच को आसान और सस्ता बना सकती है। शोधकर्ताओं ने नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पुराने तांबे को एक खास नैनोज़ाइम में बदला, जो ग्लूकोज़ (शुगर) को पहचान सकता है। इस तरीके को उन्होंने लैब में सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। पारंपरिक डायबिटीज़ जांच प्राकृतिक एंज़ाइम पर निर्भर करती है, जो महंगी, नाजुक और ज्यादातर इम्पोर्टेड होती हैं। लेकिन एमएसयू में विकसित तांबे आधारित नैनोज़ाइम अधिक मजबूत, स्थानीय स्तर पर बनी और बहुत सस्ती है। सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं, टिकाऊपन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर, ऐसे शोध प्रयास स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बना रहे हैं और गुजरात के नवाचार-हितैषी दृष्टिकोण को मजबूती दे रहे हैं, जिससे एक अधिक समावेशी और शोध-प्रेरित भारत की दिशा में रास्ता खुल रहा है।