समानता, सशक्तिकरण और सुशासन का नया मॉडल गढ़ता उत्तराखण्ड
Aug 17, 2026
उत्तराखंड में सामाजिक सुधार, समानता और सुशासन को नई गति मिली है। समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने देश में एक नया मानक स्थापित किया है, जबकि विवाह पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ने से प्रतिदिन 1,634 तक पंजीकरण दर्ज हो रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘लखपति दीदी’ पहल से 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी हैं। 66 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से करीब 4.89 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत ₹1.5 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से उत्तराखंड समान अधिकार, समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बन रहा है।