नमक की सफ़ेदी में भविष्य की लिखावट: आगारिया बच्चों को शिक्षा से जोड़ते मोबाइल स्कूल

Feb 20, 2026

लिटिल रण ऑफ कच्छ के विशाल सफेद रेगिस्तान में अगरिया नमक मजदूर हर साल कई महीनों तक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई अक्सर बाधित होती थी। इस चुनौती का समाधान गुजरात सरकार के मोबाइल स्कूलों ने किया है, जो मजदूर परिवारों के साथ चलते हुए दूरस्थ इलाकों तक शिक्षा पहुँचाते हैं। भाई-बहन जयेश और रिंकू जैसे बच्चे अब अपने निवास स्थल के पास संचालित ‘रणशाला’ कक्षाओं के माध्यम से लगातार पढ़ाई कर पा रहे हैं। यह पहल नमक के खेतों और किताबों के बीच की दूरी को पाट रही है। कठिन हालातों के बावजूद, शिक्षा की निरंतरता बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है और उन्हें बेहतर, सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।