पीएम-किसान योजना से गुजरात के किसानों के जीवन में आया बदलाव

Jun 09, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम-किसान सम्मान निधि योजना ग्रामीण भारत के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। देशभर में 11 करोड़ से अधिक किसानों को इस योजना के तहत अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी किसान सहायता योजनाओं में से एक है।गुजरात के गांधीनगर जिले के दशेला गांव के किसानों का कहना है कि इस योजना ने उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करने और आजीविका को मजबूत बनाने में मदद की है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे उन्हें खेती से जुड़े खर्च समय पर पूरे करने में सुविधा होती है।यह सहायता राशि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में मदद करती है। साथ ही मजदूरी, डीजल और कृषि उपकरणों के रखरखाव जैसे खर्चों को पूरा करने में भी सहायक होती है। किसानों का कहना है कि इस योजना से खेती की लागत का बोझ कम हुआ है और आर्थिक योजना बनाना आसान हुआ है।योजना की शुरुआत से अब तक गुजरात में करीब 70 लाख किसान परिवारों को 22 किस्तों के माध्यम से 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं, योजना की 22वीं किस्त का लाभ राज्य के 50 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिला है।पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की सफलता भारत में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलाव को दर्शाती है। यह योजना देशभर के किसान परिवारों को आर्थिक सहायता और स्थिरता प्रदान कर उनकी आजीविका को मजबूत बना रही है।